हेलो दोस्तों बात कुछ ऐसे शुरू हुई , मैं हमेशा की तरह अपने दफ्तर बस से ही आया जाया करता हूँ। उस दिन सोमवार था मैं अपने दफ्तर से वापस घर आने के लिए बस का इंतज़ार कर रहा था। आज शायद बस भी काफी लेट आयी। शाम के छै बजे थे मुझे बस मैं करीब एक घंटा लगता है घर पहुंचने मे। तभी बस का होरन बजा सामने बस आ चुकी थी , मैं बस मैं चढ़ गया आज पहले से ज्यादा भीड़ थी बस मैं। मैं चुप चाप खड़ा था एक कोने मैं। मेरे सामने एक बहुत सुन्दर महिला करीब उम्र ३२ की भी खड़ी थी। कभी बस मुड़ती तोह वह मुझसे आ कर टकरा जाती थी। मैं कुछ नहीं बोला सोचा भीड़ काफी है क्या किया जा सकता है। तभी मेरे सामने का सीट खाली हो गया मैं झट से सीट पे जा के बैठ गया वह भी मेरे बगल मैं आ के बैठ गयी। उसे विण्डो वाली सीट चाहिए थी तोह मैंने उसे वहां बैठने दे दिया। .............................................................................


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